
शनिदेव हुए वक्री…


न्याय का देवता, कर्म का देवता, लौह उत्पाद का स्वामी, अपनी स्वराशि यानी मकर राशि में ग्यारह अक्तूबर को मार्गी हो रहा है अर्थात सीधा हो रहा है, धनु, मकर और कुम्भ जैसे राशियों को आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलने का पूरा योग बन रहा है, इस से पहले शनि देव अपने राशि मे वक्री थे कई लोग शनि के वक्री होने को को बहुत खराब या गलत मानते हैं जबकि ऐसा नहीं है कर्म का स्वामी शनिदेव जब भी वकृ होता है इसका मतलब आपके भाग दौड़ का वक़्त आ गया, आपको अपने काम के लिए भागना पड़ेगा, कूदना पड़ेगा, काम को कराने के लिए तेजी दिखानी पड़ेगी हो सके कोई नया काम भी आपको शुरू करवा दे आपको, पर जैसे मार्गी होते ही आपको आराम मिलता है क्युकी आपने सारा भागा दौड़ी का काम उस वक़्त कर लिया जब शनि वकृ था, तो शनि की उल्टी चाल आपसे मेहनत तो करवाता है पर वो मेहनत आगे आपको आराम भी देता है, कोर्ट कचहरी के अटके काम इस वक़्त अच्छे से हो जाएंगे, पेट्रोल, डीज़ल, और दाल,दलहन, तेल के कीमतों में भी थोड़ी गिरावट की उम्मीद है, लौह उत्पाद के शेयर गिरावट मे खरीद सकते हैं भविष्य में अच्छे परिणाम देंगे, भारतीय दृष्टिकोण से पड़ोसी देशों से लंबे समय से चले आ रहे कई विवाद इस वक़्त सुलझ सकते हैं!
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