15 दिन के भीतर ही दो ग्रहण अच्छा संकेत नहीं है

18 सितंबर को पितृ पक्ष शुरू हो रहा है, लेकिन पितृ पक्ष इस बार दो ग्रहण के बीच मे हो रहा है पहले दिन ही चंद्र ग्रहण पड़ रहा है तो आखिरी श्राद्ध के दिन 2 अक्तुबर को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है, अतः कुल मिलाकर पंद्रह दिन के भीतर दो ग्रहण वो भी पितृ तर्पण काल मे ये अच्छे संकेत नहीं है, ये ग्रहण काल देश मे बड़े कोलाहल और राजनीतिक हलचल के संकेत दे रहा है, साथ ही साथ कोई संक्रामक बीमारी का फैलना अचानक से मौसम परिवर्तन और कुछ जगह पर भारी बारिश और मौसम परिवर्तन के संकेत दे रहा है!

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2022 का पहला सूर्य ग्रहण

2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रेल को घटित होने जा रहा है, यह सूर्य ग्रहण आंशिक होगा और इसका प्रभाव भी भारत में कम पड़ेगा, सूतक काल 12 घंटे पूर्व  लागू होगा, ग्रहण काल का समय रात्रि बारह बजे से सुबह चार बजे तक होगा मतलब 1 मई तक ग्रहण का प्रभाव रहेगा, ग्रहण काल में कोई भी शुभ कार्य वर्जित रहेंगे, यह ग्रहण भरनी नक्षत्र और मेष राशि में घटित हो रहा अतः मेष राशि के जातकों को इस विशेष सावधानि की जरूरत होगी, भारत के कुंडली के हिसाब से देखे तो ग्रहण दशम भाव में होने जा रहा है, जो कि देश में राजनीतिक हलचल और कोलाहल को जन्म देगा, साथ ही साथ सोने चांदी के दाम में अचानक बढ़ोतरी और शेयर बाजार में हलचल देखने को मिलेगी, इस बार सूर्य ग्रहण इसलिए भी खास बनता है कि क्युकी शनि अमावस्या और सूर्य ग्रहण एक साथ पड रहे हैं!!

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चंद्र ग्रहण प्रभाव

आज 2021 का दूसरा चंद्र ग्रहण जो खग्रास चंद्र ग्रहण है, हर ग्रहण की तरह यह ग्रहण भी नकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है, लेकिन इस से कोई डरने वाली बात नहीं है यह प्रकृति का ग्रहीय नियम है,सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण आते रहते हैं और अपना प्रभाव भी छोड़ते रहते हैं, इस बार चंद्र ग्रहण भारतीय कुंडली की दृष्टि से एकादश भाव में बन रहा है, वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र मे चंद्र की स्थिति रहेगी, राहु के संयोजन से यह चंद्र ग्रहण बन रहा है, यह ग्रहण आने वाले हफ्तों में मे कई प्राकृतिक आपदाओं को निमंत्रण दे सकती है खासकर भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदा, मौसम में अचानक बदलाव आ सकता है खासकर कई प्रदेश ठंड बढ़ सकती है, ठण्ड के साथ बरसात भी हो सकती है, सरकार को परेशानी हो सकती कई चुनौतियां सामने आ सकती है, वर्तमान मंहगाई दर बढ़ सकती है, कानून, न्यायलय से संबधित कई मसलों पर सरकार कुछ सख्त कदम ले सकती है, शेयर बाजार से कुछ हफ्ते दूरी बनाकर रखे उतार चढाव देखने को मिलेगा, चांदी और सोने के दाम में इजाफा हो सकता है, हृदय रोगियों और त्वचा रोगियों को चंद्र ग्रहण के कुछ हफ्ते बाद भी सावधानी रखना है!

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FIRST LUNAR ECLIPSE EFFECTS OF 2021

The first Lunar Eclipse will take place on Tenth of June, Eclipse period will start on 1.42 pm afternoon to 6.30 pm evening, These Eclipse less effective on india & more effective in Foreighn countries, Sutak Period will also not applicable in India. These Eclipse being made on Eleventh House of India, First phase of Mrigashira Constellation & Taurus Zodiac sighn.
The wonderful coincidence that vat Savitri & shani jayanti after one hundred & fourth eight year becoming  reducing the adverse effect of Lunar Eclipse.

EFFECTS ON ECONOMY

These Eclipse Definitely disturb the financial activity of India for a few days, do not take risk on Stock market on these time, centra government also can take any big decision related to tax & Economy which can benefit to common people.
Inflation rate can increase.

EFFECTS ON HEALTH

Conjugation of Sun, Mercury, Rahu & Moon in a Same House can disturb mental harmony, Cardiovascular patient should take care of their health all next week, Patient who have head related problems they should take care also. Covid patients also need to be take care himself.

Aquarius, Sagittarius, Capricorn Zodiacs sighn person chanting Sun & Saturn Mantra during eclipse will helpful during it will helpful to Reduce Sadhe Saati effect of Saturn.

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साल(2021) के पहले सूर्य ग्रहण का प्रभाव

साल का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को पड़ेगा ग्रहण काल 1.42 मिनट में दोपहर को शुरू होकर शाम को 6.30 तक होगा, यह ग्रहण भारत में कम प्रभावी होगा जबकि विदेशों में ज्यादा प्रभावी होगा, भारत में सूतक काल भी लागू नहीं होगा!

चूंकि ग्रहण अपने साथ कोई ना कोई नकारात्मक ऊर्जा साथ लाता ही है, परंतु इस ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम होगा, ग्रहण के दिन ही वट सावित्री और शनि जयंती का 148 साल बाद अद्भुत संयोग बन रहा है जो ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम कर देता है, साढ़े साती के जातक इस दिन शनि देव की पूजा करे और तिल और तेल अर्पित करे ये उनके लिए विशेष प्रभाव देगा!

ग्रहण भारत के एकादश भाव में बन रहा है जो कि जो कि मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम चरण और वृषभ राशि में बन रहा है, यह ग्रहण भारत के वित्तीय गतिविधियों को थोड़े दिन ही सही लेकिन प्रभावित जरूर करेगा, शेयर बाजार में इस वक़्त जोखिम ना ले, साथ ही केंद्र सरकार टेक्स् और अर्थव्यवस्था से संबंधित कोई बड़ा निर्णय भी ले सकती है जो आमजन को लाभ पहुचा सकती है, सूर्य, बुद्ध, चंद्र और राहु का यह संयोग मानसिक तकलीफ देगा, साथ ही साथ मंहगाई दर में और इजाफा करेगा, कुम्भ, धनु और मकर राशि के जातकों को ग्रहण काल में सूर्य और शनि मंत्र का जप करना लाभकारी, वृषभ, वृश्चिक, सिंह, मिथुन राशि के जातकों को अगले पूरे हफ्ते विशेष सावधानी की जरूरत!

हृदय रोगियों और सिर से संबंधित शिकायत रखने वाले जातकों को अगले पूरे हफ्ते अपने स्वास्थ्य विशेष ध्यान रखने की जरूरत है!

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